हम दुनिया में खुद को नहीं बदलते,
हमारी अदा तभी तो दमदार है,
जो लोग हमें पसंद नहीं करते,
उनके लिए हमारी अहमियत ही नहीं है।
हम तो सिर्फ अपनी अकड़ दिखाते हैं,
कुछ लोगों को अकड़ समझ आती है,
कुछ को अहंकार समझ आता है,
पर हम तो बस असली हैरतवान हैं।
जब से अपनी एक ख्वाहिश पूरी की है,
लोग हमें तकलीफ में देखते हैं,
अब तो हमारी नजर में सिर्फ तकदीर है,
बाकी तो लोग अपनी मंजिल में खुश हैं।
हम कभी दिल की नहीं, सिर्फ दिमाग की सुनते हैं,
जो हमें पसंद नहीं, उन्हें हम खुद नहीं पसंद करते हैं,
हमारे अंदर अकड़ होने से कोई फर्क नहीं पड़ता,
हम तो बस अपनी ही दुनिया में खुश होने को दिलचस्प रखते हैं।
जिंदगी में जीते हैं वहीं लोग,
जो अपनी ही जुबान पर रोशनी फैलाते हैं।
हम भी वहीं हैं, बस इरादे हमारे अलग हैं,
हम खुद के सपनों को बुनते हैं, और उन्हें पाने के लिए लड़ते हैं।
माना तेरी हर बात सच नहीं होती,
लेकिन मेरे अंदर तेरे लिए एक उमंग जरूर होती है।
ये मेरी अदा नहीं, मेरी बात है ये,
मैं तेरे सामने कभी जुर्माना नहीं होती।
