तुझसे जुदा होते ही कुछ ऐसा लगा,
जैसे जीना एक ख्वाब हो गया।
करवटों में तेरी यादों के साए,
सारी रात नींद से टकराया करते हैं।
तेरी मोहब्बत की अब तलाश नहीं करते,
वफ़ा की उम्मीदों पर भरोसा नहीं करते।
अब तो जाने माने दर्द हमारे साथ हैं,
हमें तो तेरे अलावा कोई राहत नहीं मिलती।
जब तेरी यादों से भरी हर रात आती है,
तो जान लेने को दिल हमारा मचल जाता है।
तुम्हें भूलाने की कोशिश करते हम इस तरह,
कि फिर तेरी यादों में खुद को ढाल जाते हैं।
अपनों से बदल गया है तेरा रूप भी,
जैसे कभी तू जीवन का सार था।
तेरी यादों से हमारा दिल भरा था,
आज तेरी यादें हमें ही सताती हैं।
कभी उसके साथ बिताया वो समय था,
जब आँखों में सपनों की दुनिया थी।
आज तो बस अकेलापन हमारा साथ है,
कुछ देर थक कर बैठ जाते हैं हम सारे।
